भोपाल, मध्य प्रदेश
कांग्रेस का ‘टैलेंट हंट’ दांव: सिफारिश नहीं, अब योग्यता से तय होंगे प्रवक्ता!
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने प्रदेश की सियासत में नई हलचल पैदा करते हुए प्रवक्ताओं के चयन के लिए “टैलेंट हंट प्रोग्राम” लॉन्च कर दिया है। प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय, भोपाल में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस महत्वाकांक्षी और कथित तौर पर पारदर्शी पहल का ऐलान करते हुए साफ कहा—अब मंच उन लोगों को मिलेगा जो पढ़ेंगे, शोध करेंगे और तथ्यों के साथ लड़ेंगे।
कार्यक्रम की घोषणा के दौरान नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार, मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। कांग्रेस ने संकेत दे दिया है कि बदलते राजनीतिक दौर में ‘जुमलों’ से नहीं, बल्कि रिसर्च और धारदार बहस से मुकाबला करने की रणनीति तैयार की जा रही है।
क्या है कांग्रेस की नई रणनीति?
प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने दो टूक कहा कि पार्टी को ऐसे ऊर्जावान और वैचारिक रूप से प्रतिबद्ध चेहरों की जरूरत है, जो कांग्रेस की विचारधारा को मजबूती से जनता तक पहुंचा सकें। उनके मुताबिक, अब केवल नारे नहीं, बल्कि तथ्य, प्रमाण और संवाद कौशल ही असली पहचान होंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि चयनित प्रतिनिधि में वैचारिक स्पष्टता, समसामयिक मुद्दों पर गहरी पकड़, मीडिया मैनेजमेंट की समझ और संगठनात्मक अनुशासन अनिवार्य होगा। संदेश साफ है—जो पढ़ा-लिखा, वही आगे।
किन पदों के लिए होगा चयन?
टैलेंट हंट के तहत आवेदन आमंत्रित किए गए हैं:
प्रवक्ता
शोध कोऑर्डिनेटर
प्रचार-प्रसार कोऑर्डिनेटर
आवेदन की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2026 तय की गई है। संभाग स्तर पर इंटरव्यू होंगे, जिनमें एआईसीसी द्वारा नामित कोऑर्डिनेटर और वरिष्ठ नेता प्रतिभागियों का मूल्यांकन करेंगे। अंतिम मुहर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (एआईसीसी) लगाएगी।
सीमित चयन, बड़ा संदेश
मीडिया विभाग अध्यक्ष मुकेश नायक ने साफ कर दिया कि यह “भीड़ बढ़ाने” का कार्यक्रम नहीं है। केवल 20 प्रदेश प्रवक्ता चुने जाएंगे, कुछ मीडिया पैनलिस्ट होंगे, संभाग और जिला स्तर पर दो-दो अधिकृत प्रवक्ता, राष्ट्रीय स्तर पर दो पैनलिस्ट और एक विशेष अंग्रेज़ी मीडिया पैनलिस्ट का चयन किया जाएगा। यानी संख्या कम, लेकिन धार ज्यादा—यही कांग्रेस की रणनीति बताई जा रही है।
विपक्ष की नई धार?
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार ने इसे तथ्याधारित और वैचारिक विपक्ष की दिशा में बड़ा कदम बताया। उनका कहना है कि कांग्रेस ऐसे युवाओं को मंच देना चाहती है जो सरकार के दावों की प्रमाणिक समीक्षा कर सकें और जनता की आवाज़ को मजबूती से उठा सकें।
अंत में जीतू पटवारी ने संदेश दिया—
“कांग्रेस केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि विचारों का आंदोलन है। यह टैलेंट हंट उस बदलाव की शुरुआत है, जहां सिफारिश नहीं, योग्यता चलेगी।”
अब देखना होगा कि यह पहल महज़ घोषणा बनकर रह जाती है या वाकई प्रदेश की राजनीति में नए और तेजतर्रार चेहरों की एंट्री कराती है। फिलहाल, कांग्रेस ने साफ कर दिया है—मंच तैयार है, अब बारी प्रतिभा की है।










