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“MP कैबिनेट का धमाका: किसानों को गेहूँ-उड़द पर बोनस की सौगात, 46 लाख परिवारों की रजिस्ट्री अब बिल्कुल फ्री!”

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मध्य प्रदेश कैबिनेट के बड़े फैसले: किसानों को बोनस, युवाओं को रोजगार और पचमढ़ी को मिला अंतरराष्ट्रीय सम्मान

भोपाल: मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई हालिया कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास, किसानों के कल्याण और युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। कैबिनेट ने जहाँ एक ओर कृषि क्षेत्र में बोनस की घोषणा की है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए ‘इंटर्नशिप प्रोग्राम’ को विस्तार दिया है।

किसानों के लिए बड़ी सौगात: गेहूँ और उड़द पर बोनस

राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

गेहूँ उपार्जन: केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित MSP ₹2585 प्रति क्विंटल है। मध्य प्रदेश सरकार ने इसमें ₹40 का अतिरिक्त बोनस जोड़कर ₹2625 प्रति क्विंटल पर गेहूँ खरीदने का निर्णय लिया है।

उड़द पर राहत: उड़द की खेती करने वाले किसानों को ₹600 प्रति क्विंटल की दर से बोनस दिया जाएगा।

स्वामित्व योजना: 46 लाख परिवारों को मुफ्त रजिस्ट्री का लाभ

ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति के मालिकाना हक को मजबूत करने के लिए ‘स्वामित्व योजना’ के तहत एक क्रांतिकारी फैसला लिया गया है।

प्रदेश के ऐसे 46 लाख परिवार जिनके पास मालिकाना दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें चिन्हित किया गया है।

इन परिवारों की रजिस्ट्री पर लगने वाला स्टांप शुल्क पूरी तरह माफ कर दिया गया है।

इस निर्णय से राज्य सरकार पर लगभग ₹3000 करोड़ का वित्तीय भार आएगा, लेकिन इससे लाखों गरीबों को अपनी जमीन का कानूनी हक मिलेगा।

‘मुख्यमंत्री यंग इंटर्न फॉर गुड गवर्नेंस’ (CMYIGGP) का विस्तार

सुशासन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार ने इंटर्नशिप प्रोग्राम के अगले चरण को मंजूरी दी है:

चयन प्रक्रिया: प्रत्येक ब्लॉक से 15 युवाओं का चयन ‘अटल बिहारी सुशासन संस्थान’ द्वारा किया जाएगा।

कुल पद: पूरे प्रदेश में लगभग 4860 युवा इंटर्न के रूप में कार्य करेंगे।

कार्य: ये युवा सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी करेंगे, फीडबैक देंगे और डिजिटलीकरण के माध्यम से डेटा एकत्र करेंगे।

अवधि: यह योजना 3 वर्षों तक चलेगी, जिसमें युवाओं को 1 वर्ष के अनुबंध पर रखा जाएगा।

पचमढ़ी को मिला अंतरराष्ट्रीय ‘ग्रीन डेस्टिनेशन’ का दर्जा

मध्य प्रदेश के पर्यटन के लिए एक गर्व का क्षण है। प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी को जर्मनी द्वारा “ग्रीन डेस्टिनेशन” के रूप में प्रमाणित किया गया है। यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एमपी पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

 

बजटीय मंजूरी: 7 विभागों की विभिन्न योजनाओं को जारी रखने के लिए ₹33,240 करोड़ की भारी-भरकम राशि स्वीकृत की गई है।

स्वास्थ्य सेवा: मैहर, कैमूर और निमरानी के अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए 51 नए पदों को मंजूरी दी गई है।

IAS प्रतिभाओं का सम्मान: देश के टॉप-10 आईएएस अधिकारियों में जगह बनाने वाले मध्य प्रदेश के 2 युवाओं को कैबिनेट बैठक में विशेष रूप से शुभकामनाएं दी गईं।

 ये निर्णय स्पष्ट करते हैं कि राज्य सरकार का फोकस अंतिम पंक्ति के व्यक्ति (Antyodaya), किसानों की समृद्धि और युवाओं के सशक्तिकरण पर है।

 

 

Tahalka Bharat
Author: Tahalka Bharat

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