पेयजल संकट को लेकर जीतू पटवारी और उमंग सिंघार ने भाजपा सरकार को घेरा

भोपाल। राजधानी भोपाल में नगर निगम द्वारा नाले के गंदे पानी को महज 15 सेकंड के क्लोरीन टेस्ट के आधार पर ‘शुद्ध’ और पीने योग्य बताए जाने की मीडिया रिपोर्ट सामने आते ही राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं और प्रदेश में गहराते पेयजल संकट को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों की त्रासदी के बाद भी सरकार सबक लेने को तैयार नहीं है। उनका आरोप है कि दिखावटी जांच और कागजी रिपोर्टों के सहारे जनता को गुमराह किया जा रहा है।
‘नाले के जहरीले पानी को मिल रही क्लीन चिट’ : जीतू पटवारी

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट का हवाला देते हुए जीतू पटवारी ने कहा कि भोपाल के कई वार्डों में नाली का बदबूदार और मटमैला पानी बोतलों में भरकर जांच के लिए लिया गया, जहां निगम कर्मचारियों ने केवल क्लोरीन टेस्ट कर उसे ‘शुद्ध’ घोषित कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री की नाक के नीचे नाले के जहरीले पानी को साफ बताया जा रहा है।
पटवारी ने कहा कि इंदौर में हुई गंभीर पेयजल त्रासदी के बावजूद सरकार ने कोई ठोस और कारगर कदम नहीं उठाया। यदि राजधानी में हालात इतने चिंताजनक हैं, तो प्रदेश के अन्य इलाकों की स्थिति का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
‘क्या सरकार मध्यप्रदेश को शमशान बनाना चाहती है?’ : उमंग सिंघार

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से अब तक 29वीं मौत हो चुकी है, लेकिन भाजपा सरकार अब भी झूठे दावों और कागजी जांच रिपोर्टों में उलझी हुई है।
सिंघार ने आरोप लगाया कि नाले जैसे गंदे पानी को ‘शुद्ध’ बताकर जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने इसे सरकार की असंवेदनशीलता करार देते हुए तत्काल शुद्ध और सुरक्षित पेयजल की ठोस व्यवस्था करने की मांग की।
कांग्रेस का आरोप: लापरवाही और दिखावे की राजनीति
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इंदौर की घटना से सबक लेने के बजाय सरकार लापरवाही और दिखावटी जांच के रास्ते पर चल रही है। यदि राजधानी में नाले के पानी को पीने योग्य बताया जा रहा है, तो यह प्रदेश की जल आपूर्ति व्यवस्था पर बड़ा सवाल है।










