ट्विशा केस में बड़ा झटका : गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द, गिरफ्तारी कभी भी संभव
भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब जांच ने बेहद आक्रामक मोड़ ले लिया है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द करते हुए साफ संकेत दे दिए हैं कि मामले में कानून किसी भी स्तर पर नरमी बरतने के मूड में नहीं है।
बुधवार देर रात जारी 17 पन्नों के आदेश में हाईकोर्ट ने निचली अदालत की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि केस डायरी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों का सही तरीके से परीक्षण नहीं किया गया। अदालत ने यह भी माना कि ट्विशा की डेडबॉडी पर कई चोटों के निशान मिले थे, जिनका आरोपी पक्ष संतोषजनक जवाब देने में विफल रहा।
इधर, सीबीआई ने जांच की रफ्तार और तेज कर दी है। सूत्रों के मुताबिक गिरिबाला सिंह से लगातार पूछताछ की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी अब “कभी भी” हो सकती है। जांच एजेंसी ने घटनास्थल को पूरी तरह डिजिटल फॉरेंसिक स्कैनिंग के दायरे में ले लिया है।
सीबीआई की टीम 3D कैमरों की मदद से घर के 360 डिग्री विजुअल रिकॉर्ड कर रही है, ताकि घटनास्थल का हर एंगल तकनीकी रूप से संरक्षित किया जा सके। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि मौत के वक्त घर के भीतर क्या परिस्थितियां थीं और क्या सबूतों से छेड़छाड़ की गई।
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी के बाद अब इस मामले में आरोपी पक्ष की मुश्किलें कई गुना बढ़ गई हैं। भोपाल से लेकर दिल्ली तक इस केस पर नजरें टिकी हुई हैं।









