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महाकाल लोक में तकनीक का तांडव — उज्जैन बोला, अब दर्शन होंगे डिजिटल अंदाज़ में…!

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महाकाल लोक में नई छटा बिखरी : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वाटर स्क्रीन प्रोटेक्शन व फाउंटेन शो का किया लोकार्पण…! 

उज्जैन – दीपावली के पावन अवसर पर महाकाल नगरी उज्जैन में आध्यात्मिकता और तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाकाल लोक परिसर स्थित रुद्र सागर में वाटर स्क्रीन प्रोटेक्शन और फाउंटेन शो का लोकार्पण किया। यह शो स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत मध्य प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम द्वारा 18 करोड़ 7 लाख रुपए की लागत से तैयार किया गया है।

इस आकर्षक लेजर एंड साउंड शो में भगवान श्री महाकालेश्वर, मोक्षदायिनी शिप्रा नदी और अवंतिका नगरी की गौरवगाथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है। लगभग 25 मिनट की अवधि वाला यह शो उज्जैन के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक वैभव को आधुनिक तकनीक से जोड़ता है।

महाकालेश्वर बैंड और मिलेट अन्न से बने ‘श्री अन्न लड्डू प्रसादम’ का शुभारंभ

 

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने श्री महाकालेश्वर मंदिर में ‘श्री अन्न लड्डू प्रसादम’ का शुभारंभ किया, जो मिलेट अन्न से निर्मित होगा। इसके साथ ही ‘श्री महाकालेश्वर बैंड’ की शुरुआत भी की गई। बैंड ने मौके पर शानदार प्रस्तुति देकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकाल लोक परिसर में दीपदान कर दीपावली की आलोकमयी परंपरा को और भव्य बनाया।

 

मुख्यमंत्री का संबोधन…! 

 

अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा —

 

“प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में श्री महाकाल के आशीर्वाद से देश निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उज्जैन की अवंतिका नगरी का गौरव इतिहास अब तकनीक के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचेगा। यह शो आने वाले श्रद्धालुओं को उज्जैन की आत्मा से परिचित कराएगा।”

 

 

 

उन्होंने महाकाल बैंड की सराहना करते हुए कहा कि आगामी महाकाल सवारी और अन्य पर्वों पर बैंड अपनी नियोजित प्रस्तुति और कदमताल से भव्यता बढ़ाएगा।

 

कार्यक्रम में शामिल रहे गणमान्य

 

इस अवसर पर विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे।

 

उज्जैन के महाकाल लोक परिसर में यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि यह उज्जैन को आध्यात्मिक पर्यटन के वैश्विक केंद्र के रूप में और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम भी साबित हुआ।

Tahalka Bharat
Author: Tahalka Bharat

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