कलेक्टर बनकर ठगी का प्रयास : साइबर जालसाजों ने IAS अधिकारियों के नाम पर मांगी रकम…!
भोपाल – मध्यप्रदेश में एक बार फिर साइबर जालसाजों ने नई ठगी की कोशिश की है। इस बार निशाने पर प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी हैं। साइबर ठग कलेक्टर बनकर अधिकारियों से पैसे मांग रहे हैं। खास बात यह है कि लोगों को विश्वास में लेने के लिए ये ठग कलेक्टर की असली तस्वीरें डीपी (डिस्प्ले पिक्चर) के रूप में लगाकर मैसेज भेज रहे हैं।
पिछले सात दिनों में ऐसे दो मामले सामने आए हैं। पहला मामला खरगोन कलेक्टर IAS भव्या मित्तल और दूसरा धार कलेक्टर IAS प्रियंक मिश्र से जुड़ा है।
जानकारी के अनुसार, धार जिले के डही क्षेत्र की ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) को एक अज्ञात नंबर (+84 916423486) से वॉट्सऐप पर मैसेज आया। मैसेज कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के नाम से भेजा गया था और डीपी पर उनकी फोटो भी लगी थी। शुरुआत में बीएमओ को संदेश असली लगा, लेकिन जब उन्होंने मैसेज की भाषा और बातचीत का लहजा देखा तो उन्हें शक हुआ। कुछ देर की जांच के बाद पता चला कि यह किसी साइबर ठग का नंबर है, जो कलेक्टर बनकर पैसे मांगने की कोशिश कर रहा था।
इसी तरह का एक मामला खरगोन में भी सामने आया था, जहां IAS भव्या मित्तल के नाम से ठगी का प्रयास किया गया। वहां भी जालसाज ने उनकी फोटो लगाकर अधिकारियों से संपर्क साधने और आर्थिक मदद मांगने की कोशिश की।
प्रशासन ने इन मामलों को गंभीरता से लिया है और अधिकारियों को सावधान रहने के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन ने अपील की है कि किसी भी संदिग्ध मैसेज या कॉल पर विश्वास न करें और ऐसे मामलों की तुरंत सूचना साइबर सेल या स्थानीय पुलिस को दें।
🔹 प्रशासन की अपील:
“कोई भी अधिकारी या कर्मचारी किसी वरिष्ठ अधिकारी के नाम से आए पैसे के मैसेज पर प्रतिक्रिया न दें। पहले पुष्टि करें, फिर कार्रवाई करें।”
यह घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि साइबर अपराधी अब सरकारी अधिकारियों की पहचान का दुरुपयोग कर सरकारी सिस्टम को भी निशाना बना रहे हैं।










