भोपाल, मध्य प्रदेश।
राजधानी में आयोजित पत्रकार वार्ता में कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर सीधा और तीखा हमला बोला। कांग्रेस प्रवक्ता Supriya Shrinate और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Mukesh Nayak ने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर आरोप लगाया कि अमेरिका के साथ किया गया टैरिफ समझौता देशहित के खिलाफ है और यह “ट्रम्प ट्रैप डील” साबित होगा।
“आत्मसमर्पण की राजनीति, राष्ट्रहित से समझौता”
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि जिस तरह से अमेरिकी टैरिफ में बदलाव के बाद बिना पूरी पारदर्शिता और कानूनी प्रक्रिया का इंतजार किए जल्दबाजी में अंतरिम व्यापार समझौते की घोषणा की गई, वह कई गंभीर सवाल खड़े करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने अमेरिकी दबाव में आकर भारी रियायतें दी हैं, जिसकी कीमत देश के किसान, युवा और छोटे उद्योग चुकाएंगे।
उन्होंने कहा कि 2 फरवरी को अमेरिका द्वारा रेसिप्रोकल टैरिफ 18% तक घटाए जाने के बाद 20 फरवरी को वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal द्वारा अंतरिम व्यापार समझौते की घोषणा इस बात का संकेत है कि पर्दे के पीछे बड़े समझौते हुए हैं। कांग्रेस का आरोप है कि यह डील संतुलित नहीं बल्कि एकतरफा रियायतों से भरी हुई है।
“किसानों और युवाओं के साथ विश्वासघात”
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि इस समझौते से भारतीय कृषि उत्पादों और लघु उद्योगों पर विदेशी प्रतिस्पर्धा का दबाव बढ़ेगा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार ने देश के किसानों, एमएसएमई सेक्टर और युवाओं के रोजगार पर इसके प्रभाव का आकलन किया है?
कांग्रेस ने इसे “विश्वासघात” करार देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर मजबूती दिखाने के बजाय झुकने का रास्ता चुना है।
“सड़क से संसद तक लड़ाई”
कांग्रेस ने ऐलान किया कि इस मुद्दे को जनआंदोलन का रूप दिया जाएगा। भोपाल में प्रस्तावित किसान महा चौपाल में Rahul Gandhi और कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge के शामिल होने की संभावना जताई गई है।
कांग्रेस का कहना है कि यह सिर्फ व्यापार समझौते का मामला नहीं, बल्कि देश के आर्थिक स्वाभिमान और करोड़ों लोगों की आजीविका का प्रश्न है। पार्टी ने सरकार से मांग की है कि समझौते की पूरी शर्तें सार्वजनिक की जाएं और संसद में इस पर विस्तृत चर्चा कराई जाए।
राजधानी भोपाल से उठी यह सियासी आग आने वाले दिनों में राष्ट्रीय स्तर पर बड़ा मुद्दा बन सकती है।










