भोपाल: राजधानी के प्रशासन अकादमी में दो दिवसीय ‘मध्य प्रदेश वानिकी सम्मेलन 2026’ का भव्य शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 30 जनवरी को दीप प्रज्वलित कर इस कार्यक्रम की शुरुआत की। यह सम्मेलन 31 जनवरी तक चलेगा, जिसमें वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री के संबोधन के मुख्य बिंदु:
वन विभाग की सराहना: मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश का वन विभाग पूरे देश में सर्वश्रेष्ठ कार्य कर रहा है और अपनी विशिष्ट कार्यप्रणाली से पूरे भारत में प्रदेश का नाम रोशन कर रहा है।
प्रकृति के साथ समन्वय: डॉ. यादव ने अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए बताया कि विकास और पर्यावरण का संतुलन जरूरी है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार ‘प्रकृति के साथ विकास’ के मंत्र पर चल रही है।
साहसिक निर्णय: वन्यजीव संरक्षण और मगरमच्छों के पुनर्वास जैसे चुनौतीपूर्ण कार्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने विभाग के प्रयासों को सराहा।
पारिवारिक आयोजन: मुख्यमंत्री ने इस मीट को केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक ‘पारिवारिक सरोकार’ का आयोजन बताया।
“मध्य प्रदेश वन विभाग आज पूरे देश में अपना डंका बजा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास की दिशा में किए जा रहे कार्य वाकई बधाई के पात्र हैं।” — डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री
यह सम्मेलन आगामी वर्षों में मध्य प्रदेश के वनों और वन्यजीवों के संरक्षण की नई दिशा तय करेगा।










